Wednesday, May 9, 2018

Ab Tujhse Hai - अब तुझसे है

मेरे दिल का हर अफ़साना अब तुझसे है,

मेरे दिल की हर ज्वाला अब तुझसे है|

मेरे लबों पे बस तुम्हारा नाम छलकता,

इन लबों की मधुशाला अब तुझसे है|

जबसे पाया तुझको मैं ये देख रहा हूँ,

ख़फा-ख़फा सा ये ज़माना अब मुझसे है|

जाने कितने घायल हुए तीर-ए-नज़र से,

मेरी नज़र का हर निशाना अब तुझसे है|

समझ सको तो समझलो तुम मेरे नगमों को,

मेरे गीतों का हर तराना अब तुझसे है|

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