मेरे दिल का हर अफ़साना अब तुझसे है,
मेरे दिल की हर ज्वाला अब तुझसे है|
मेरे लबों पे बस तुम्हारा नाम छलकता,
इन लबों की मधुशाला अब तुझसे है|
जबसे पाया तुझको मैं ये देख रहा हूँ,
ख़फा-ख़फा सा ये ज़माना अब मुझसे है|
जाने कितने घायल हुए तीर-ए-नज़र से,
मेरी नज़र का हर निशाना अब तुझसे है|
समझ सको तो समझलो तुम मेरे नगमों को,
मेरे गीतों का हर तराना अब तुझसे है|
मेरे दिल की हर ज्वाला अब तुझसे है|
मेरे लबों पे बस तुम्हारा नाम छलकता,
इन लबों की मधुशाला अब तुझसे है|
जबसे पाया तुझको मैं ये देख रहा हूँ,
ख़फा-ख़फा सा ये ज़माना अब मुझसे है|
जाने कितने घायल हुए तीर-ए-नज़र से,
मेरी नज़र का हर निशाना अब तुझसे है|
समझ सको तो समझलो तुम मेरे नगमों को,
मेरे गीतों का हर तराना अब तुझसे है|
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