Monday, May 14, 2018

तू देख ना !


माना आसमां है तुझसे दूर, दूर, दूर बहुत,

फिर भी जितना हो सके तू पंख फैला के देख ना |

मंजिलें मिल जाएँगी पूरी होंगीं सारी ख्वाहिशें,

उनकी और छोटा सा कदम बढ़ा के देख ना |

वो तो तेरा है सदा उसको क्यूँ है भूलता,

उसके सामने ज़रा तू सर झुका के देख ना |

तेरी चाहतों का तुझे सिला मिलेगा जरूर,

तू भी बस प्यार से प्यार जाता के देख ना |

कितने भी तूफान हों पार पा ही लेगा तू,

बस होसले के साथ कश्ती चला के देख ना |

जो भी तुने खो दिया उसका ग़म न कर कभी,

फिर से अपनी किस्मत को आजमां के देख ना |

देगी जिंदगी तुझे बदले में बहुत कुछ,

एक बार तू इसे अपना बना के देख ना |

अपने दिल में सबको रखना काफी नहीं है 'सुनील',

हो सके तो दूसरों के दिल में जाके देख ना |

No comments:

Post a Comment