बाईक स्टार्ट करते ही माँ ने टोक दिया – “अरे हेलमेट तो लगाले”
क्या माँ बड़ी मुश्किल से तो बालों की सेटिंग बनाई है और तुम हो कि इन्हे हेलमेट से खराब करवा दोगी” – रोहन ने कलपते हुये कहा
नहीं या तो पहले हेलमेट पहन वरना बाईक छोड़ और बस से कॉलेज जा – माँ ने भी गुस्से से कहा।
पर माँ तुम ... इससे पहले कि रोहन अपनी बात पूरी करता उसकी माँ ने हाथ से चाभी छीन ली और तुरंत बोली पहले हेलमेट।
रोहन को बाईक चाहिए ही थी तो मन मसोसकर हेलमेट उठाया ओर पहन लिया। वो अभी मेन रोड पर पहुंचा ही था कि दूसरी ओर से आती हुयी कार से टकरा गया।
जब होश आया तो उसने मद्धम आवाज में डॉक्टर को कहते सुना – “अच्छा हुया कि हेलमेट लगा रखा था इसलिए सिर्फ पैर में फ्रेक्चर हुया है वरना जान भी जा सकती थी”।
आज 22 सालों बाद रोहन अपने बेटे को समझा रहा था – “आयुष पहले हेलमेट लगा नहीं तो बाईक को हाथ मत लगा।
No comments:
Post a Comment