Monday, May 7, 2018

Talaash - तलाश




काँटों की भरमार है,

फूलों की तलाश है।

आंसुओं में जो खो गई,

ज़िंदगी की तलाश है।

आँखों का जो दर्द बाँट ले,

सपनों की तलाश है।

दिल में जो पैदा होता है,

एहसास की तलाश है।

मन में व्यथा जगाए जो,

उस याद की तलाश है।

एक सूत्र में बांधे जो,

उस प्रेम की तलाश है।

कानों में जो मिश्री घोले,

उस गीत की तलाश है।

थक गया हु चलते चलते,

पड़ाव की तलाश है।

निराशा में जो चमकती है,

किरण की तलाश है।

कभी ऐसा लगता है,

मुझे इनका एहसास है,

सब कुछ मेरे अंदर है,

मुझ में ही तो वास है,

इसीलिए लगता है शायद,

मुझे खुद की ही तलाश है॥

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