वो चंद लम्हे यादों के,
वो चंद मुलाकातें
वो मोहक सी मुस्कान तेरी
वो मीठी मीठी बातें
वो चाहत के सिलसिले
वो झगड़े और अपने गिले
वो शोखियाँ वो मस्तियाँ
वो साथ घंटों का अपना
वो अपनी शरारतें
वो तुमसे मिलना खुश होना
वो पहली मुलाकात
याद अब तक है मुझको
वो तेरी हर एक बात
ए दोस्त बता तू मुझको
वो दिन कहाँ चले गए
लगता बीत गयी हैं सदियाँ
एक दूजे से मिले हुए
गर हम तुम मिल जाएँ तो
वो दिन फिर से मिल जायेंगे
बचपन की वो प्यारी कहानी
एक बार फिर दोहराएंगे
वो खुशियों के पल जब भी दोस्त
याद मुझको आते हैं
सच कहता हूँ जज़्बात दिल के
गालों पे बह जाते हैं|
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