देख प्रिय की सूरत,
खिल खिल जाती हैं आंखें,
दिल को होती है ख़ुशी तो,
मुस्कुराती हैं आंखें |
कैसे उसको जानते,
कैसे उसे पहचानते,
लाखों लोगों में उसकी,
पहचान कराती हैं आंखें |
राह दिखाती हैं हमको,
मंजिल तक ले जाती हैं,
जिंदगी के इस सफ़र में,
हमसफ़र हैं ये आंखें |
जब कभी ग़म होता है,
ये दिल उदास होता है,
ग़म में साथ देती हैं,
रो पड़ती हैं ये आंखें |
दुनिया की अनुपम छटा का,
वर्णन इनसे होता है,
कैसी होती जाने दुनिया,
गर न होती ये आंखें ||
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