Tuesday, May 22, 2018

आंखें - Aankhein


देख प्रिय की सूरत,

खिल खिल जाती हैं आंखें,

दिल को होती है ख़ुशी तो,

मुस्कुराती हैं आंखें |


कैसे उसको जानते,

कैसे उसे पहचानते,

लाखों लोगों में उसकी,

पहचान कराती हैं आंखें | 


राह दिखाती हैं हमको,

मंजिल तक ले जाती हैं,

जिंदगी के इस सफ़र में,

हमसफ़र हैं ये आंखें |


जब कभी ग़म होता है,

ये दिल उदास होता है,

ग़म में साथ देती हैं,

रो पड़ती हैं ये आंखें |


दुनिया की अनुपम छटा का,

वर्णन इनसे होता है,

कैसी होती जाने दुनिया,

गर न होती ये आंखें ||

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