Thursday, July 5, 2018

हवाओं को भी हैं याद नजारे - Hawaon ko bhi hain yaad najaare

हवाओं को भी हैं याद नजारे,
तेरा मुझे देख कर मुस्कुराना,
दिन भर बजती पायल वो छम छम,
तेरी अदाओं पे पे मेरा गीत गाना।

कितना प्यारा प्यारा था वो ज़माना,
जिसमें हम थे बस हम ही थे,
जरा भी फ़िक्र कहाँ थी किसी की,
सारे नामुमकिन भी मुमकिन थे,
तुझसे बस यूं ही रूठ जाना,
फिर प्यार से तेरा मानना।
दिन भर बजती पायल वो ...

कि चुपके से वक़्त बदला बदली दुनियाँ
दूर होते ही हो गए बेगाने,
पहले मुझसे थी दुनिया तुम्हारी,
फिर बीच में आ गए जमाने,
खता थी मेरी तो बस इतनी,
तुझको अपना खुदा था माना।
दिन भर बजती पायल वो ...

हौले हौले करके किनारे,
तुम चल दिये हाथ छुड़ा के,
जाने खो गए किन रस्तों पे तुम,
सारी कसमें वादे भुला के,
मुश्किल लाग्ने लगी जिंदगी ये,
साँसो का रुकने लगा आना जाना।
दिन भर बजती पायल वो ...

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